r/Hindi • u/charlizard1000xy • 2h ago
r/Hindi • u/Eastern-Emotion9685 • Mar 03 '26
स्वरचित Wrote this poem in khadi boli (spoken in Western UP )
मुझे पता है आप लोग कहेंगे कि इसमें वर्तनी की गलतियाँ हैं, लेकिन मैंने शब्दों को वैसे ही लिखा है जैसे हम यहाँ उच्चारण करते हैं। Eg - वह "देखीं" होता है पर हम यहा बड़ी "ई" नहीं खिचते सिर्फ छोटी "इ" इसतेमाल करते है पर लिखते आम हिंदी की तरह लिखते है ।
r/Hindi • u/AutoModerator • Apr 05 '26
...अर थे पीटो ताळ्यां / मोनिका गौड़
मजमा पसंद
थे लोग ई हो
जका राम रै साथै होवण रो भरम पाळो
राम रै वनगमन में
सीता रो साथ जायज ठहरावता थकां ई
सोनलिया हिरण रै आखेट सारू
बणाओ सीता नैं ई दोसी
हरण में
लिछमण-रेख उलांघण रै आरोप री
लुकी-छुपी आंगळ्यां ई सीता कानी करता
राम रो दुख मोटो देखो हो
सत्य, पवित्रता रा आंदोलनकारियां
जुध में संघार रो दोस
सीता रै माथै धरता थकां
उकसावो अगन-पारखा सारू
थे ईज हो बै भीड़ री भेड़ां
जकी गरभवती लुगाई नैं
घर सूं कढवाओ
हाका हूक सूं
छद्म न्याव रो ढोंग रचवा’र
दिखावो
राम नैं बापड़ो
धिन्न है थांरी दोरंगी सोच, चिंतना
कै सीता रै निरवासन नैं जायज बतावता
उणरै जमीन में समाईज्यां पछै
स्त्री रै स्वाभिमान री बात करो
बजाओ ताळ्यां
बळी लेय’र निरदोस री
पोमीजो
आपरै दोस नैं सतीत्व रै महिमा-मंडण सूं
ढांपणै री कोसिस करता
रचो सती महिमा रा गीत
थरपो उणनैं देवी
थांरी मजमैबाजी सीता, द्रौपदी सूं लेय’र
आज तांई बा ईज है
हर बार थांरी जबान री वेदी पर
हुवती आई है स्त्री री चारित्रिक, शारीरिक हत्या
अर थे पीटो ताळ्यां?
कदी न्याय रै नांव, कदी धरम रै नांव
कदी मूल्यां रै लेखै,
लेवता रैवो भख
बेकसूर लुगाईजात रो...?
r/Hindi • u/saifnsadness • 2h ago
साहित्यिक रचना 📖 गुनाहों का देवता
एक कविता की तरह यह कहानी लिखी गई है। मौका मिले तो ज़रूर पढ़े इस किताब को
r/Hindi • u/roobaroooo • 4h ago
स्वरचित एंटी-नेशनल पत्थर
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एंटी-नेशनल पत्थर
मैं
संसद की सड़क किनारे
पड़ा हुआ एक पत्थर
कल, मैंने देखा
दूसरों पर लाठियां बरसाता एक इंसान
लोगों को बिजली के झटके देता एक इंसान
घायल बच्चियों को देख,
मंदिर का दरवाज़ा बंद करता एक इंसान
विद्यार्थियों की भीड़ पर,
बन्दूक ताने एक इंसान
उसी भीड़ में देखा मैंने,
पिटते हुए, सर से खून बहता, कपडे फ़टे,
दूसरों की मदद करते कुछ इंसान,
और मैंने देखा,
इधर-उधर, तीतर-बितर, हर तरफ उड़ते,
मुझ जैसे कई पत्थर…
देश के भविष्य, और देश की सत्ता
की इस लड़ाई में -
मैंने देश को हारते हुए देखा
भविष्य को हारते हुए देखा…
मैं
संसद की सड़क किनारे
पड़ा हुआ एक पत्थर!
r/Hindi • u/myusrnmisalreadytkn • 5h ago
स्वरचित भारत के स्वतंत्रता सेनानियों पर (wink-wink) मेरी एक कविता।
r/Hindi • u/After-Comparison4580 • 6h ago
स्वरचित कल मैंने देखा
सविंधान को कल मैंने सड़कों पर
अपने ही अधिकारों की खातिर
लड़ते देखा।
चुनी हुई सरकार की फ़ौज से.
सड़कों पर लाठियों को
खाते हुए देखा।
घायल खून से लथपथ,
चीखते चिल्लाते देखा।
कुछ बच्चियां जो सविंधान की खातिर
दौड़ी सडकों पर,
उनकी छाती पर नाचती,
वर्दी की हवस को नाचते देखा।
सविंधान पर बरसते आंसू गैस के,
गोलों को देखा।
सत्ता को बचाने की खातिर,
सविंधान की बलि
होते देखा।
अनगिनत लोगों को सत्ता की हवस
से बचाया है जिसने,
उस सविंधान की खातिर,
कुछ बच्चों को,
शहीद होते देखा।
सड़कों पर चीख पुकार,
घर में कुछ लोगो को
सोते देखा।
r/Hindi • u/Weary-Long4092 • 16h ago
स्वरचित चल रहे आंदोलन पर मेरे कुछ विचार, कविता के रूप में
r/Hindi • u/Top_Victory_5495 • 11h ago
देवनागरी One of Ahmed Faraz's Most Beautiful Ghazals ❤️
Sunā hai log use aañkh bhar ke dekhte haiñ,
So us ke shahr meñ kuchh din Thahar ke dekhte haiñ.
Sunā hai bole to bātoñ se phuul jhaḌte haiñ,
Ye baat hai to chalo baat kar ke dekhte haiñ.
Sunā hai raat use chāñd taktā rahtā hai,
Sitāre bām-e-falak se utar ke dekhte haiñ.
Bas ik nigāh se luTtā hai qāfila dil kā,
So rah-ravān-e-tamannā bhī Dar ke dekhte haiñ.
Ab us ke shahr meñ Thahreñ ki kuuch kar jaa.eñ,
'Farāz' aao sitāre safar ke dekhte haiñ.
r/Hindi • u/Normal-Tourist-7648 • 1d ago
देवनागरी मुझे नहीं पता था raddit पर भी लोग इतना डर रहे कोई कुछ कह दे तो शुक्रिया पोस्ट रिमूव करने के लिए
r/Hindi • u/Mental-Tennis-6313 • 1d ago
स्वरचित aap vs tum vs tu, i used tu with someone senior 😭
So i am non-native-ish hindi speaker here (grew up mostly on english / telugu / tamil). i knew these three existed but not that picking the wrong one is basically an insult. I recently used tu with my friend's dad bc in my head it just meant you haha. apparently tu is for very close friends / little kids / god (sometimes), and using it with an uncle is very disrespectful.
Now I'm scared to address anyone. is aap for everyone safe? but then friends say im being weirdly formal and cold with them.
How do you all know what to say?
r/Hindi • u/katchapi • 1d ago
स्वरचित ...
सफ़ेद अंग्रेज़ तो चले गए,
पर खादी रंगरेज़ छोड़ गए..
निज़ाम रज़ाकार तो चले गए,
पर खाकी थानेदार छोड़ गए...
r/Hindi • u/ArgumentLoud9588 • 1d ago
स्वरचित भूँसे का ढेर
I wrote this poem this morning seeing what's going on in the country right now Please give me your valuable feedback
r/Hindi • u/bhargavaa33 • 1d ago
विनती seriously
ek word ko type krne k liye inti sari key press krne paadegi!! mene abhi hindi typing sikhna start kiya or muje realize hua ki hindi ka koi alg keyboard nahi bana India me? abhi aese hi kam chal raha hai
r/Hindi • u/katchapi • 1d ago
स्वरचित Sri Sri Telugu Mahaprasthanam "I" poem translation
Sri sri is a telugu poet, who wrote fiery verses, that shook the telugu world. I couldn't bring much of the fire that was in the original. Even though i have translated it a long time back, I remembered this now suddenly.
r/Hindi • u/shothapp • 1d ago
साहित्यिक रचना ताक़तवर आदमी-मंगलेश डबराल
जब ताक़तवर आदमी ने कहा
कि उसे और भी ताक़त चाहिए
तो मुझे अपनी दुर्बल भंगुर देह दिखाई दी
जो शाम होते-होते थकान से चूर हो जाती थी और आराम चाहती थी
जब ताक़तवर आदमी ने कहा कि वह ग़रीब माँ का बेटा पैदा हुआ
और यहाँ तक पहुँच गया
तो मुझे याद आई वह मेरी माँ जो अब दुनिया में नहीं है
जिसके योग्य बनने में मेरी पूरी उम्र निकल गई
जब ताक़तवर आदमी ने कहा कि तमाम लोग उससे बेहद ख़ुश हैं
तो मुझे हवा में बहुत से चेहरे तैरते हुए दिखाई दिए
जो लगता था कहीं न कही मुझसे रूठे हुए हैं
और मेरी किसी ग़लती की ओर इशारा कर रहे हैं
जब ताक़तवर आदमी ने लगभग रोते हुए कहा
कि उसने देश के लिए घर त्याग दिया शादी नहीं की
तो मैंने सोचा मैं कितना ख़ुशनसीब था
कि रात को लौटने के लिए मुझे एक जगह नसीब हुई
एक भली-सी पत्नी मिली
जिसने अपने प्रेम के एवज़ में मुझसे कुछ नहीं चाहा
जब ताक़तवर आदमी ने कहा
कि उसे देश के शत्रुओं से घृणा है
और उनमें से बहुत से लोग देश के भीतर ही छिपे हुए है
तो मुझे गहरी चिंता हुई
कि कहीं मनुष्य के प्रति मेरे भीतर प्रेम घटने न लग जाए
जब ताक़तवर आदमी ने परेशान होकर कहा
कि बहुत से लोग मेरी जान के पीछे पड़े हैं
वे मुझे मार देना चाहते हैं
तो मैंने अपने मामूली से अस्तित्व के बारे में सोचा
जिसे सँवारने में कितने ही हाथों ने मदद की
जब ताक़तवर आदमी ने एक रात संदेश प्रसारित किया
कि वह अभी कई साल ताक़तवर बने रहना चाहता है
तो मैंने सुबह उठकर किसी अज्ञात से प्रार्थना की
बस आज के दिन बचा रहे मेरा यह धुँधला-सा जीवन।
(**May the tyrants fall. Long live liberty.)**
r/Hindi • u/Prathvi_musings • 1d ago
स्वरचित I will not give up in front of life... ✨(OC) Voice over by Prathvi 🦂
instagram.comI will not give up in front of life... ✨
Many times failures break us inside, but true victory lies in falling and getting up again. If struggle is written in destiny, then so be it— but giving up is not acceptable!
🗣️ Lines in this video:
"In my failed attempts, her asking with hope... Did anything happen?
It has the strength to break itself a thousand times inside.
But I will not give up. I will rise, I will walk, I will fall again, and then I will move forward.
If this is my destiny, then so be it...
Life, I will not give up in front of you."
🎧 Listen with earphones for the best experience.
📌 If this video touched your heart, please comment for more emotional & motivational content!
Prathvi🦂
r/Hindi • u/East_Scar_9797 • 2d ago
स्वरचित I was looking for a photo background for my poem and finally found it in my own gallery. My wife sitting at Madgaon station at 6 AM, sipping chai.
उस काम का क्या काम जो दिल न लगे
उस दिल से क्या दिल्लगी जो दर्द न समझे
r/Hindi • u/SunilPratapSingh • 2d ago
स्वरचित दर्शन-काव्य - रेत ही सागर, रेत ही पानी — एक अंतहीन कविता की शुरुआत, राय चाहिए
रेत का सागर है, रेत का पानी भी,
रेत की मिट्टी है और रेत का सोना भी।
ये रेत ही तुम हो, ये रेत ही मैं हूँ,
इस रेत में मिलना है, इस रेत में जीना भी।
ये रेत है क्या बतला, ये रेत जवानी भी,
ये रेत है आने वाला कल और बीती कहानी भी।
ये जटिल पहेली है, सुलझाए से ना सुलझे,
शतरंज का प्यादा भी ये, शतरंज की रानी भी।
ये प्रश्न नहीं आसान, लुट जाए जवानी भी,
बेटी की बेटी ये और यही है नानी भी।
सोच भी यही है और सोच की वजह भी,
वक्ता के शब्द यही और वक्ता की वाणी भी।
ये रेत वो रेत नहीं, और ये रेत वही है,
आकाश का नीलापन और बारिश का पानी भी।
ये रेत से रिश्ते हैं, रिश्तों का प्यार यही,
दान का पैसा भी और ये है दानी भी।
r/Hindi • u/ChazzyChazzHT • 2d ago
साहित्यिक रचना कहें सरकार बुरी है
instagram.comविपिन भारती द्वारा प्रस्तुत ये कविता।
r/Hindi • u/A-man_2001 • 2d ago
स्वरचित मेरी अगली हिंदी कहानी की पहली झलक
Hi Friends!
यह मेरी अगली कहानी की पहली झलक है। मेरी पिछली रूरल नोयर कहानी दीपावली का मुख्य पात्र अहमद एक बार फिर लौट रहा है। इस बार कहानी 90 के दशक की पहाड़ी एक्शन फ़िल्मों और क्लासिक अंडरकवर ऑपरेशनों से प्रेरित तेज़-रफ़्तार थ्रिलर है।
कहानी का सारांश (Synopsis):
1991। दीपावली की उस घटना के तीन वर्ष बाद, मुंबई का कारोबारी अहमद एक बार फिर अपने पुश्तैनी गाँव मीरगंज लौटता है। उसकी बस इतनी इच्छा है कि शहर की भाग-दौड़ से दूर कुछ दिन कुल्हड़ वाली चाय, रमेश के हाईवे ढाबे की महफ़िल और गाँव की सुकून भरी शामों के साथ बिताए।
लेकिन उसकी छुट्टियाँ तब अचानक करवट लेती हैं, जब नारकोटिक्स ब्यूरो का एक अधिकारी उससे एक असामान्य मदद माँगता है—उन्हें एक भरोसेमंद ड्राइवर और मज़बूत गाड़ी (अहमद की टाटा सूमो) की ज़रूरत है।
नेपाल की पहाड़ियों में सक्रिय एक ड्रग कार्टेल में काम कर रहे एक अंडरकवर अफ़सर की पहचान उजागर हो चुकी है। वह एक दूरदराज़ पहाड़ी बस डिपो में क़ैद है। भारत व नेपाल की स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता और सरकारी रास्ते बहुत धीमे हैं।
अहमद गाड़ी चलाने के लिए तैयार हो जाता है।
जो मिशन केवल एक रेस्क्यू ऑपरेशन लगता है, वह जल्द ही एक जानलेवा दौड़ बन जाता है, जब टीम के हाथ एजेंट की अब तक जुटाई गई सारी ख़ुफ़िया जानकारी से भी ज़्यादा क़ीमती चीज़ लग जाती है।
अब घुमावदार पहाड़ी सड़कों पर गिरोह के हथियारबंद गुंडे उनका पीछा कर रहे हैं और हर पड़ाव मौत का दूसरा नाम बन सकता है। ऐसे में अहमद को अपनी सूझ-बूझ, हिम्मत और बेहतरीन ड्राइविंग के दम पर सूरज निकलने से पहले सबको सकुशल भारतीय सीमा के उस पार पहुँचाना होगा।
मेरी पिछली कहानी (दीपावली) का लिंक:
https://www.reddit.com/r/Hindi/s/WLhur5qTCB
पाठकों के लिए: पूरी कहानी भी यहीं पोस्ट की जाएगी। कहानी के इस विचार पर आपके सुझाव और प्रतिक्रियाओं का स्वागत है।